इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे, जाने इतिहास और इसके महत्व।

विश्व भर में हर साल 20 मार्च को इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाया जाता है ताकि लोगों को जीवन में खुशियों के महत्व को बताया जा सके। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे संयुक्त राष्ट्र का एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो इस विचार को महत्व देता है कि खुशी एक मौलिक माननीय लक्ष्य है। 

International Happiness Day

जाने इसका इतिहास तथा महत्व।  

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 जुलाई 2012 को अपने रेजोल्यूशन में 20 मार्च को इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे घोषित किया।  यह प्रस्ताव भूटान द्वारा लाया गया था, जिसने 1970 के दशक की शुरुआत से राष्ट्रीय आय की जगह राष्ट्रीय खुशी और सकल राष्ट्रीय उत्पाद की जगह सकल राष्ट्रीय खुशी के लक्ष्य को अपनाया। पहली बार इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे 20 मार्च 2013 को मनाया गया था। 

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अध्ययनों से पता चला है कि खुशी का स्वास्थ्य और जीवन काल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, हम कितने समय तक जिएंगे, यह कई कारकों पर निर्भर करता है लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण और सामान्य कल्याण को दीर्घायु से जोड़ा गया है स्टडीज से यह भी पता चला है की स्थाई खुशी लाने वाली चीजों में मजबूत रिश्ते, दूसरों की मदद करना, कृतज्ञता व्यक्त करना और ध्यान करना शामिल है। 

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2022 के टॉप देश। 

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2022 के अनुसार, फिनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देश है। फिनलैंड के बाद डेनमार्क, आईसलैंड, स्वीटजरलैंड, नीदरलैंड, लक्जमबर्ग, स्वीडन, नॉर्वे, इजरायल और न्यूजीलैंड का स्थान आता है। इस लिस्ट में कुल 146 देश है जिसमें भारत का स्थान 136 वां है। 

तारीख: 20/03/2022 

लेखक: राकेश कुमार। 

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