ट्रेन में एक्‍स्‍ट्रा लगेज ले जाने पर रेलवे के नए नियम। जानें विस्‍तार से।

रेलवे ने यात्रियों को अधिक सामान के साथ यात्रा ना करने की सलाह दी है। हाल ही में रेलवे ने ट्वीट में लिखा, सामान अधिक होने पर लगेज वैन में जरूर बुक कराएं। दरअसल, हवाई यात्रा की तरह रेलवे में भी अतिरिक्‍त सामन ले जाने पर शुल्‍क लिए जाने का नियम है। अगर यात्री बिना बुकिंग के अतिरिक्‍त सामान ले जाते हुए पाया जाता है, तो रेलवे सामान्‍य दरों से 6 गुणा चार्ज वसूल सकता है।

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कितने वजन तक नहीं देना होगा शुल्‍क।

रेलवे के अनुसार एसी फर्स्‍ट क्‍लास में 70 किलो तक का वजन बगैर कोई शुल्‍क दिए ले जा सकता है। एसी 2 टियर के लिए यह सीमा 50 किलोग्राम है। वहीं, एसी 3 टियर स्‍लीपर क्‍लास में 40 किलो तक का सामान बिना शुल्‍क के ले जाने की अनुमति है। सेकेंड क्‍लास के लिए यह सीमा 35 किलोग्राम है।

कैसे करें सामान बुक।

यदि यात्री, लगेज अपने साथ ही ट्रेन में ले जा रहा है तो ट्रेन चलने से 30 मिनट पहले उसे बुकिंग स्‍टेशन के लगेज आफिस में अपना सामान प्रस्‍तुत करना चाहिए। यात्री टिकट बुक करते समय एडवांस में भी लगेज बुक कर सकते है।रेलवे के नियमों के अनुसार अगर सामान सुरक्षित तरीके से पैक नहीं होगा तो उसे तब तक कि उसे भेजने वाला या उसका प्राधिकृत एजेंट उस पर किसी प्रकार की क्षति या अनुचित पैकिंग के बारे में नोट ना लगा दे।

बिना बुक किये सामान ले जाने पर क्‍या है जुर्माना।

रेलवे के अनुसार, यदि कोई यात्री मार्ग में अथवा गंतव्‍य स्‍टेशन पर अतिरिक्‍त सामान (निशुल्‍क अनुमति से अधिक बिना बुक किया हुआ) के साथ मिलता है तो लगेज स्‍केल दर के अनुसार सामान के भार पर 6 गुणा जुर्माना वसूला जाएगा। अगर अतिरिक्‍त सामान, मार्जिनल अनुमति के अंदर है तो लगेज स्‍केल दर की 1.5 गुणा राशि वसूले जाने को नियम है।

कितना बड़ा हो सूटकेस।

रेलवे के अनुसार 100*60*25 (लंं0*चौ0*उ0) आकार के ट्रंक, सूटकेस और बॉक्‍स, यात्री डिब्‍बे में व्‍यकितगत सामान के रूप में ले जाने की अनुमति है। यदि ट्रंक, सूटकेस और बॉक्‍स निर्धारित आकार से बड़े हैं, तो बुक करवाकर लगेज यान मे ले जाना होगा।

किन सामान की नहीं होगी अनुमति।

आपतिजनक वस्‍तुएं, विस्‍फोटक, खतरनाक ज्‍वलनशील वस्‍तुएं, खाली गैस सिलेंडर, मरी मुर्गीयां, खेल का सामान, तेजाब और अन्‍य क्षरणीय पदार्थ सामान रूप में बुक नहीं किए जाते है।

तारीख: 04/06/2022

लेखक: शत्रुंजय कुमार।

    

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