भारतीय रेलवे बना रही दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे आर्च ब्रिज

चिनाब नदी जम्मू कश्मीर के रियासी जिले के 2 गांव बक्कल और कौड़ी के बीच बहती है। रेलवे कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के एक हिस्से के रूप में इस पुल का निर्माण करा रही है। इससे कन्याकुमारी से श्रीनगर तक ट्रेन पहुंचने में सहायता होगी। 

Railway bridge

एफिल टावर से कहीं ऊंचा। 

नदी के तल के स्तर से 359 मीटर ऊपर बना बन रहा यह पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज होगा। इस प्रकार यह पेरिस का एफिल टावर (324 मीटर) से भी 35 मीटर ऊंचा है। पुल की लंबाई 1315 मीटर है। 

मजबूती। 

पुल के निर्माण में 28,660 मीट्रिक टन इस्पात का फेब्रिकेशन हुआ है और 66,000 सी यू एम कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है। वही पुल की मेहराब का कुल वजन 10,619 मीट्रिक टन है। जिस स्टील से पुल बनाया गया है, वह 10 डिग्री सेल्सियस से, 40 डिग्री सेल्सियस तापमान को आसानी से झेल सकता है। पुल 266 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति का सामना करने में सक्षम है। 

120 साल होगी लाइफलाइन। 

पुल की लाइफलाइन लगभग 120 साल होगी। ब्रिज के निर्माण पर 1,486 करोड़ खर्चा आएगा। प्रोजेक्ट में डीआरडीओ, भारतीय विज्ञान संस्थान, आईआईटी (दिल्ली, रुड़की) समेत कई संस्थान, रेलवे की मदद कर रहे हैं। पुल के इस साल सितंबर तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। 

चुनौतियां। 

यह सिक्किम जोन 4 के बीच में स्थित है। 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलने वाली हवाओं के अलावा बारिश, आंधी तूफान, लैंडस्लाइड और बर्फबारी के कारण कई बार काम को रोकना पड़ा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह निश्चित रूप से हाल के इतिहास में भारत में किसी रेल परियोजना के सामने आने वाली सबसे बड़ी सिविल इंजीनियरिंग चुनौती है। 

तारीख: 11/04/2022 

लेखक: शत्रुंजय कुमार। 

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